ऑस्ट्रिया और अल्जीरिया ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप में एक ऐसा मैच खेला जो पीढ़ियों तक याद किया जाएगा। ग्रुप J में 3-3 की रोमांचक ड्रॉ ने दोनों टीमों को नॉकआउट राउंड में पहुंचना सुनिश्चित किया — ऑस्ट्रिया ग्रुप की रनर-अप और अल्जीरिया सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रही।
शुरुआती रणनीतिक जंग, फिर हमलों की बाढ़
पहले बीस मिनट तक दोनों टीमें सतर्कता से खेलीं, एक-दूसरे की कमजोरियां टटोलती रही। स्पष्ट मौके कम बने।
पानी के ब्रेक के बाद गोल की शुरुआत हुई। डेविड अलाबा ने मिडफील्ड से एक सर्जिकल पास लगाया जिसने अल्जीरियाई रक्षा को चीर दिया। मार्को आर्नोटोविक ने गेंद पकड़ी और शांतिपूर्वक गोल किया। 1-0 ऑस्ट्रिया।
यह गोल अल्जीरिया के लिए जगाने वाला था। कुछ ही मिनट में राफिक बेलघली ने पोस्ट से टकराया और फेरेस चाइबी ने क्रॉसबार मारा। उत्तरी अफ्रीकी टीम का दबाव बढ़ रहा था।
और ठीक ब्रेक से पहले, बेलघली ने दाहिने किनारे से बैठकर दो डिफेंडरों को पार किया और एक तेज शॉट से गोल किया — यह ग्रुप स्टेज का सबसे शानदार गोल था। 1-1।
दूसरा हाफ: हमलों का तूफान
दूसरे हाफ में राल्फ रांगनिक ने तीन आक्रामक बदलाव किए। दस मिनट के भीतर कॉनराड लाइमर ने दाहिने से दौड़कर क्रॉस किया और मार्सेल साबित्ज़र ने पहले ही शॉट में गोल किया। 2-1 ऑस्ट्रिया।
अल्जीरिया ने हार नहीं मानी। हुसैम अओवार ने डिफेंस में से होकर गुजरे और रियाद महरेज़ के लिए पास किया। 2-2।
छह मिनट का पागलपन
90वें मिनट में महरेज़ ने दूर के कोने में गोल किया। 3-2 अल्जीरिया। ऑस्ट्रिया elimination के कगार पर था।
लेकिन आखिरी किक पर — कॉर्नर पर — साशा कालाज़िच ने सबसे ऊंचा कूदकर हेडर से गोल किया। 3-3।
ऑस्ट्रियाई बेंच और 40,000 दर्शकों ने उत्सव मनाया। जबकि जॉर्डन — जो क्वालिफिकेशन से कुछ ही सेकंड दूर था — टूट गया।
आगे का रास्ता
ऑस्ट्रिया दूसरे स्थान पर रहा, जिसका मतलब है कि उसे 2024 यूरो चैंपियन स्पेन से भिड़ना होगा। यह 1982 के बाद ऑस्ट्रिया का पहला नॉकआउट मैच है।
अल्जीरिया सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रही और अब स्विट्जरलैंड से भिड़ेगी। जबकि जॉर्डन का सपना चकनाचूर हो गया।